रविवार, 14 अगस्त 2016

माँ भारती के चरणों का रक्ताभिषेक कर दे

पूर्व में उगा है आज
लाल लाल आँखों वाला सूरज 
पश्चिम के नालायक 
को देख 
उसकी आँखों में ख़ून उतर आया है 
उठो हे वीर 
वहुत हुआ शाँति पाठ 
उठा खड़ग 
हो अडिग 
युद्ध कर
रणभूमि पर
शत्रु के रक्त से 
रणचण्डी का खप्पर
लवालव भर दे 
पहन ले   आज तू
मुण्ड माल
काट काट 
नापाक भाल 
दुश्मन के लहू से
माँ भारती के चरणों
का 
रक्ताभिषेक कर दे ।

Vikram singh bhadoriya 
15 agust 2016
BHIND published on 
16 Agust 2017 
Gwalior