सुरमई नयनों की कोर से
रतनारे रुखसारों की लाली
लेकर यह मधुमय वसंत ,
चढ़ आया है देखो पंचसर ,
ले पुष्पराग यह धनुष तान,
घायल कर डाले सब ह्रदय त्राण
फिर भी है उन्मत्त ,यह प्राण प्राण
उड़ते फिरते हैं ले रंग संग
गालों पर मलते गुलाल ....
स्वागत प्रिय सुखकर वसंत ....!
--Vikram singh bhadoriya
Holi 12 march 2017
Photo courtesy Dr Neetu Sikarwar