गुरुवार, 12 मार्च 2020

Basanti vayaar main


रंगों के मौसम में  दिल का हर कौना है रंगीन ....

वसंती वयार में  ,

खयालो की शाख पर झूमता पागल पन

तुम्हारी यादों की डोर थामे

 प्रेम पथिक.

 चल रहा

वीते हुये इतिहास का पाथेय लिये ,डगमग पग 

 विकल ह्रदय, विचलित मन,

  पलास सा दग्ध. हुआ है दिग दिगंत ..

                                    विक्रम सिंह भदैरिया 18-3-14