Vikramaark.blogspot: कविता: कविता दिल की रूकी हुई झील के तटबंध तोड़कर वह निकली नदी है ... कविता समय की दुकूल पर हवा की उँगलियों के कोमल स्पर्श की सिहरन है ... कविता ...
शनिवार, 31 जनवरी 2015
कोल्हू का बैल ....
management को कभी नहीं पता होता कि कौन employee काम कर रहा है ... काम न करने वाले गधे को इनामऔर काम करने बाले घोड़े को सज़ा और यह सिलसिला जारी रहता है कोल्हू के बैल के रिटायरमेंट तक .... ! एक अच्छा आॅफिसर अनिवार्य रूप से एक अच्छा मेनेजर भी होना ही चाहिये लेकिन उपरोक्त कमज़ोरी जो कि मूलत: उसके अधीनस्थ चमचा टाइप व चुगलखोरों की गैलेक्सी की बजह से होती है और उसकी टीम की कार्य शक्ति को बुरी तरह प्रभावित करती है । @vinod k Tripathi ji
Vikram singh bhadoriya TI
Ghatigaon 28-1-15 o
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