आज भ्रष्ट भारतीय खनिज अधिनियम ,वन अधिनियम कानून तथा हरित प्राधिकरण गठजोड़ व इनके तहत वनाये गये क़ानूनी नियम उपनियम के कारण ईमानदारी से खनन करने वालों तथा ईमानदारी से रोज़ी रोटी कमा कर अपना घर बनाने का सपना देखने वाले आम जन का जीना दूर कर रखा है । सरकार ने इन नियमों के तहत मकान बनाने में काम आने वाली रेत गिट्टी पत्थर जैसे मूल भूत उत्पादों के खनन व विक्रय पर घोषित रूप से पूर्ण रूपेण रोक लगा कर सारी खदानें बंद कर रखी हैं । अत: एक नम्बर में सारी प्रक्रिया पूर्ण करके न तो ठेकेदार ईमानदारी से खदान का संचालन कर सकता है और न जनता का कोई गरीब आदमी अपना मकान बनाने के लिये एक बोरी रेत ख़रीद सकता है लेकिन नेता मन्त्री व अधिकारियों की मुट्ठी गरम करके तथा मीडिया का हफ़्ता चुकाने के बाद खदान मालिक अपनी वैध खदानों से अवैध खनन कर सकता है तथा आम आदमी अपने ख़ून पसीने की कमांई से मूल क़ीमत का दस गुना भुगतान करके अपना मकान बनाने को रेत गिट्टी ब्लैक मार्केट से ख़रीद सकता है । लेकिन एक नम्बर में कदापि नहीं ।
यह स्थिति वेहद ख़तरनाक है क्योंकि इसमें भ्रष्टाचार करने के लिये बाक़ायदा कानून है और कानून के तहत वनाये गये भ्रष्टाचारोन्मुखी नियम हैं जिनका इस्तेमाल कानून निर्माता व उनके नौकर वड़ी वेशर्मी के साथ विल्कुल नंगे होकर कर रहे हैं । उत्तर प्रदेश तथा म. .प्र. के जो हालात मेरी जानकारी में हैं वह अंततः: सरकार व आम जनता के बीच गृह युद्ध या जय प्रकाश नारायण जैसे जन आन्दोलन का कारण बन सकते है । अत: प्रधान मंन्त्री जी समय रहते कुछ उपाय कर लें तो अच्छा है बरना यहाँ सारा दोष आपके मत्थे मढ़े जाने की पूरी तैय्यारी है ।
Vikram singh bhadoriya
Gwalior M.P.
21-5- 16
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