गुरुवार, 19 फ़रवरी 2015

...इक चाँद .....

इक चाँद का अक्स है मेरे दिल के आइने पर ।     

इक तूफ़ाँ है जुनून बन कर हलचल मचाये हुये ।।       -                                       -...................... - विक्रम  सिंहँ भदैरिया 

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