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शनिवार, 19 अगस्त 2017
घोंघा वसंत
मैने कुछ नहीं लिखा जी
लेकिन तुम ,
तुम तो
आशु कवि हो
यकीनन
और में
पेड़ की शाख पर वैठा हुआ
कालिदास का
पूर्वार्ध .....
अपनी ही शाख को काटता हुआ
घोंघा वसंत
मैं ................!
Vikram singh bhadoriya
19-8-2017
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