बुधवार, 16 मार्च 2016
औरत का बजूद
मंगलवार, 8 मार्च 2016
काव्योदय केपृष्ठ पर
विश्व नारी दिवस पर काव्योदय के पीठ पर लिखी एक अकविता ...
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मातृ सत्ता की गरिमा का असर
राम की सरपरस्त वन करती वसर,
कृष्ण की माँ बनने तक का सफर ,
वो कौशल्या नंदन वो यशोदा का पुत्तर
राम की वो शक्ति पूजा
वो महिषासुर मर्दिनी
वो अर्ध नारीश्वर शिवा
वो शिव की अर्धांगिनी
वो सीता केअनुगामी सीताराम
वो राधे के अनुगामी राधेश्याम
कहाँ गये सब
कहाँ गया वह गौरव ,
वो राह में कब रुकी
वो राह में कब थकी
कि ठाँव ठाँव गई छली
रह गई पीछे वो सदी सदी
निकल गया आगे
सीता का श्री राम वह
राधा का घनश्याम वह
कहाँ और कब छली गई वो
राधा छलिया कृष्ण से
सीता सनातन पुरूष दम्भ से
जुये में नीलाम पाँचाली की अस्मिता
तार तार अंत: वस्त्र ,
तार तार स्वाभिमान
पाँडु पुत्रों की अनुगामनी
बनने की सज़ा
भुगतती वो मानिनी
अग्नि दग्धा कोख से उत्पन्न वो
दीप शिखा ज्वाजल्यमान
स्वयं पराजिता आज वह अपराजिता
किस से कहे अाज वह निज व्यथा
उसे तो बस अपनों ने ही छला । vikram singh bhadoriya
8-3-2016
Bhind
बुधवार, 17 फ़रवरी 2016
बगुला के पँख
मंगलवार, 16 फ़रवरी 2016
मधु मय वसंत
गुरुवार, 11 फ़रवरी 2016
क़यामत है
मार डाला है उन्होंने ख़ुदा को ,
मस्जिद में वैंठ् कर शैतान गा रहा है ।
वीर है हनुमंत है मृत्यु शय्या पर
अफ़ज़ल कब्र से उठ कर
दिल्ली पै छा रहा है ।
क़यामत है
ओढ़ कर कफ़न वर्फ का वो वीर सो गये
आस्तीनो में पला तक्षक जीभ लपलपा रहा है
कश्मीर से काशी तक कसाव ही कसाव है
दिल्ली में गीदड़ खयाल गा रहा है
क़यामत है
पी कर ख़ून ग़रीबों का ,होंठ हुये है लाल लाल
वे पैंदी का लोटा दलित की लाश पर आरक्षण गा रहा है
किसान की कमाईँ पर मुटियाया हुआ है वो
दाल पर प्याज़ पर मँहगाई गा रहा है
क़यामत है
क्या करें कोई ,जो बागड़ ही खेत खाये
हमारे ही बोट पा कर हमें ही लतिया रहा है
आकाओं ने विछाई थी विसात ग़ुलामों के लिये
वो उस पर बैठ कर हमें ही कानून सिखा रहा है
क़यामत है
विक्रम सिंह भदौरिया १२-२-२०१६
शुक्रवार ,ग्वालियर
मंगलवार, 29 दिसंबर 2015
हिन्दी के विकास के लिये
मंगलवार, 22 दिसंबर 2015
ख़यालों की झील के उस पार
ख़यालों की झील के उस पार
यादों की झिलमिल में
पसरा हुआ नि:शब्द कुहासा
उदास है ,
तुम्हारी ही तरह
कभी चमक उठता है
विस्तीर्ण काल मेघों की ओढ़नी की कोर पर
टाँकी गई श्वेत धवल चाँदनी सी
तुम्हारी ही याद की तरह ...
........vikram singh bhadoriya ......
21-dec -2015 Gwalior


