बचपन बचाओ आन्दोलन से बाल श्रमिक मुक्त कराकर नोबेल पुरुस्कार तो पाया जा सकता है लेकिन बाल श्रम से स्थाई मुक्ति तो बालक के माता पिता की ग़रीबी दूर करके ही पाई जा सकती है इसके बिना सारे बाल कल्याण प्रोग्राम सिर्फ छलावा है । श्री सत्यार्थी ने अगर इस सत्य पर समग्रता से ध्यान दिया होता तो शायद आज स्थिति कुछ और ही होती
Vikram singh bhadoriya
Ghatigaon 11-oct -2014
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