मंगलवार, 11 नवंबर 2014

स्वच्छता का महा पर्व : दीपावली

Posted at blogger on 11-11-2014 सोम

अंतरतम के गहन अँध में ज्योति पुँज्ञ्ज जय हो 

दरिद्र नारायण के घर आँगन लक्ष्मीमइ्या जय हो 

मलिनता से महा समर में सुचिता बुहारू जय हो

नव उन्मीलित नयनों में नूतन  आशा   जय हो ।


यह दीपोत्सव यथार्थ में स्वच्छता पर्व है  जो विश्व को भारतीय परम्परा की अमूल्य देन है जिसमें  एक माह पूर्व से घर मकान गली मोहल्लों की साफ़ सफाई पूर्ण होने के बाद लक्ष्मी के साथ ही घर में नई झाड़ू लाकर लक्ष्मी की मूर्ति के साथ ही उसकी पूजा की जाती है । तथा यह कथा भी सुनाई जाती है कि लक्ष्मी दरवाज़े से नहीं घर की मोरी (नाली ) के रास्ते ही घर में प्रवेश करती है .... इसी लिये यम तृतीया के दिन  दिवाली के दो दिन पूर्व  घर की गंदगी वहाने वाली नाली के मुँहाने पर  साफ़ सफाई करके  दिया रखा जाता है ...... कुछ दशक पहले तक हमारे स्कूलों की दीपावली की छुट्टियाँ भी 25 दिन की इसी लिये होतीं थीं । ताकि बच्चे अपने घर व मकानों की साफ़ सफाई व रंगाई पुताई  करने में अपने माता पिता की मदद कर सकें ... लेकिन धीरे धीरे हिन्द की हर प्राचीन परम्परा के घोर विरोधी व महात्मा गाँधी की लाश रख कर वोट माँगने वालों ने  व  गाँधी के नाम पर राज करने वालों ने  दीपावली की छुट्टियों को कम करना शुरू किया   ...  स्वच्छता के अभियान की बजाय  इसे सिर्फ हिन्दुओं का त्योहार बता कर पर्यावरण दूषित करने बाला   तथा रूढ़िवादी परम्परावादी बताकर  तो कभी धन की बरबादी का  त्योहार बताकर कभी पटाखे फोड़ने पर रोक लगा कर  कभी साफ़ सफाई को फ़िज़ूलख़र्ची बताकर इस त्योहार को ही कलेंडर से मिटाने के कुचक्र चलाने शुरू किये जो आज भी बदस्तूर चालू हैं  अब हमारा सुप्रीम कोर्ट भी इस कुचक्र में शामिल होकर पटाखे फोड़ने पर रोक लगाने का फ़रमान जारी कर रहा है तो बहुतेर्र् टी वीं चैनल कल से ही गला फाड़ कर पटाखा मुक्त दिवाली मनाने की अपील करके कान के पर्दे फाड़े डाल रहे है ..... ऐसे  काठ के उल्लुओं का मुँह बन्द करने के लिये और अपनी जीवनोपयोगी स्वस्थ परम्पराओं को जीवंत वनाये रखने के लिये आओ हम इस दीपोत्सव को परम्परा गत तरीक़े से  घर गली मकान और परनाले साफ़ करके मनायें ख़ूब पटाखे फोड़ें  ढ़ेर सारे  मिट्टी के दीप जलायें और हमेशा की तरह लक्ष्मी जी की मूर्ति के साथ ही  लक्ष्मी स्वरूपा झाड़ू  का पूजन  कर इस पर्व को  सफाई अभियान की तरह ही मनायें और  अपने मन और घर आँगन का सारा कल्मष बुहार दें ... 


समस्त  मित्रों व परिवारों को दीप पर्व पर हार्दिक शुभकामनायें और बधाई 

Vikram singh bhadoriya 

Ghatigaon gwalior 23-10-14 



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