बुधवार, 12 नवंबर 2014

नारी के प्रति छद्म पौरुषेय दुराग्रह

जब हम नारी हित की बात करते हैं या नारी  कल्याण के लिये कोई कानून बनाते हैं , उस बक्त भी हम  नारी  के प्रति अपने पौरुषेय दुराग्रह से मुक्त नहीं होते हैं और ऐसी मन: स्थिति से उपजा कोई भी कानून स्त्री का कभी भी भला नहीं कर सकता ।  

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें