इक रौशनी का झरना है ,
खिलखिलाती धूप का इक वातायन
इक वाल सूर्य उदयाचल पर
सुबह का इक सपना
ख़ुशियों का इक समंदर है
इस नन्हे परिंदे के आँगन में ....
Vikram singh bhadoriya
Ghatigaon
30 -sept -2013
मेरे पौत्र
कुँअर कर्मण्य प्रताप सिंह "गुल्लू " जी को जन्म दिन पर असीम स्नेहाशिष
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